नीम की छाल का क्या उपयोग है किस बीमारी में काम आती है
What is the use of neem bark, in which disease it works
नीम की छाल (Neem bark) का उपयोग विभिन्न औषधीय और आयुर्वेदिक प्रयोगों में किया जाता है, जिनमें कई स्वास्थ्य संबंधित लाभ हो सकते हैं। नीम की छाल में कई प्रकार के बायोकेमिकल्स होते हैं जो आंशिक रूप से उपयोगी होते हैं। नीम की छाल के उपयोग कुछ निम्नलिखित तरीकों से किए जा सकते हैं:
आंद्रविद्य और आयुर्वेद में: आयुर्वेद और आंद्रविद्य में, नीम की छाल का उपयोग स्किन समस्याओं के लिए किया जाता है, जैसे कि चर्मरोग (खुजली, दाद, प्योरिया आदि) की समस्याओं में।
खदीरारिस्थ: खदीरारिस्थ एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जिसमें नीम की छाल का उपयोग किया जाता है। यह जिगर, पित्त, रक्त, और विषाक्तता संबंधित समस्याओं में लाभकारी हो सकता है।
खुजली और त्वचा संबंधित समस्याएँ: नीम की छाल को खूबसुरत और स्वस्थ त्वचा के लिए उपयोग किया जाता है। खुजली, एक्जिमा, दाद, और त्वचा की अन्य समस्याओं के इलाज में भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।
दंत और मुंह संबंधित समस्याएँ: नीम की छाल का उपयोग मुंह और दांत संबंधित समस्याओं में भी किया जा सकता है। मसूड़ों की समस्याओं, मुँहासों, मसूड़ों की सूजन आदि में नीम का उपयोग किया जा सकता है।
पाचन क्रिया: नीम की छाल के पाचन क्रिया को मजबूती देने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
आंतिम और अंतर्निहित रोगों में: नीम की छाल के उपयोग का दावा किया जाता है कि यह आंतर्निहित और अंतर्निहित रोगों में भी मदद कर सकती है।
कृपया ध्यान दें कि नीम की छाल का उपयोग केवल सवास्थ्य सम्बंधित आयुर्वेदिक औषधियों के रूप में किया जाना चाहिए, और समर्थ वैद्यकीय परामर्श के बाद ही।
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