गर्मी में झुलस रहे मासूम, विद्यालयों का समय एक समान करने की मांग
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है। अधिकतर जिलों में तापमान 40 डिग्री से अधिक पहुंच गया है। स्थानीय स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने अपने स्तर से स्कूलों के समय में बदलाव शुरू किया है।
इससे विभिन्न जिलों में कक्षा एक से आठ तक परिषदीय विद्यालयों में अलग-अलग समय होता जा रहा है। ऐसे में राज्य स्तर से एक समान समय तय न किए जाने से बच्चे, अभिभावक व शिक्षक सभी परेशान हैं।
अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों के लिए सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक का समय तय है। ऐसे में बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत नहीं होती है लेकिन दोपहर एक-दो बजे उन्हें घर लौटाने में काफी परेशानी होती है। क्योंकि सुबह 11-12 बजे के बाद ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं।
कई जगहों पर फसलों की कटाई के मद्देनजर दिन में बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही है। इसकी वजह से स्कूलों में बच्चों को पसीना बहाते हुए या खुले में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। इसे लेकर अभिभावकों व शिक्षकों ने दबाव बनाना शुरू किया
तो बीएसए ने अपने स्तर से स्कूलों के समय में संशोधन करना शुरू कर दिया है। हालांकि यह भी बच्चों को राहत नहीं दे पा रहा है। अभिभावकों व शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि शासन स्तर पर स्कूलों का समय निर्धारित किया जाए।
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