जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में आईजी आर एस की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई
Under the chairmanship of District Magistrate Prerna Sharma,
the review meeting of IGRS was completed in the Collectorate Auditorium.
जिलाधिकारी ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि आईजीआर एस प्रकरणों के निस्तारण में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रकरणों का समय से निस्तारण न होने पर संबंधित विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय होगी। प्रकरणों के डिफॉल्टर होने पर सम्बंधित अधिकारी को चेतावनी व प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी । सभी विभागीय अधिकारी सकारात्मक सोच व मनोयोग के साथ कार्य करें। जिन अधिकारियों के टापटेन प्रकरणो में असंतुष्टि की फीडबैक है उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए, जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनमानस की शिकायतों का निस्तारण मा0 मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकताओं में है। इसलिए निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी स्वयं प्रकरणों को देखें व प्राथमिकता पर उसका निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में न आए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक सेवा जन सेवा है और आइजीआरएस पोर्टल आमजन की शिकायतों को जानने व उसके निस्तारण का एक अच्छा प्लेटफार्म है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रकरणों का समय से निस्तारण न होने पर संबंधित विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय होगी, इसलिए सभी अधिकारी प्रतिदिन आइजीआरएस पोर्टल पर प्रकरणों को देखें व उसका समय से निस्तारण कराना सुनिश्चित करें साथ ही आईजीआरएस से संबंधित नए शासनादेश का भली प्रकार अध्ययन भी करें। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि आवश्यक है, शिकायतकर्ता से स्वयं वार्ता भी अवश्य करें, संविदा कम्प्यूटर आपरेटरो के भरोसे पर न रहे। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा शासन स्तर से भी की जाती है और वहां से फीडबैक भी लिया जाता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रेरणा सिंह ,उप जिलाधिकारी सदर सुनीता सिंह, अधिशासी अधिकारी गढ़मुक्तेश्वर मुक्ता सिंह, सभी खंड विकास अधिकारी, जिला खनन अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त सहित जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे l
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